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बसंती मतवाली 2

मैंने सुनीता की बातों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया था, बस फिर क्या था सुनीता को तो अब सहमति मिल ही चुकी थी। अगले ही दिन उसने अपनी एक फ्रेंड को बुलाकर मेरी नाप के ब्लाउज और पेटीकोट सिलने को दे दिए। दो नए सलवार सूट भी लगे हाथ सिल्वा दिए। मार्केट से जाकर मेरे लिए आर्टिफिशियल ज्वेलरी ले आई , वह भी काफी हैवी थी जिसमें पायल बिछिया हार , मंगलसूत्र, नथनी मोटे चैन वाली, कानों में बड़े-बड़े झुमके। , नाक में नथनी मांग , टीका यह सब लाकर रख दिए। दो-दो दर्जन चूड़ियां और मोटे-मोटे कंगन भी लाकर शाम को मेरे सामने रख के बोली। सब अपनी नाप के हैं या अच्छे से चेक कर लो अब दिल्ली तुम्हें एक सुहागन नव विवाहित औरत बना करके रहना है और याद रहे, एक हफ्ते मेरी फ्रेंड आकर तुम्हारा मेकअप कर देगी उसके बाद तुम्हें अच्छे से मेकअप एक्सपर्ट भी बनना है तुम्हें मेकअप में कोई भी कमी नहीं होनी चाहिए। कोई भी यह ना पहचान सके की तुम मर्द नहीं औरत हो तभी मैं यह का सकूंगी की मेरे हस्बैंड बाहर कमाते हैं और यह मेरी नौकरानी गांव से आई है जो घर का काम करती है और मेरे ही घर में रहती है।मैं बोला जब मैं कह दिया है कि मैं औरत बननेे को तैयार हूं तो एक ही बात मुझे बार-बार मत दोहराती रहो। वह गुस्से से बोली मैं दोहरा नहीं रही हूं मैं तो यह कह रही हूं कि तुम अब सिर्फ शरीर और मेकअप कपड़ों से ही नहीं बल्कि मन से भी औरत बानो पुरी तरीके से मानसिक रूप से औरत बन जाओ तभी तुम औरतों वाली फीलिंग ला सकोगे और जब बाहर के लोग आएंगे घर में तो तुम एक औरत की तरह ही उनसे मिल और बात कर सकोगे। याद रहे तुमसे अब जो भी बात करेगा उसमें तुम एक औरत की तरह ही बात करोगे इसलिए औरतें की तरह बात करना चलना , हाथ खिलाना और मटकना , यह सब सीख लो और हां हमारे यहां जब फंक्शन होता है छोटा-मोटा फंक्शन , पड़ोस में तो मैं वहां पर जाती हूं तुम्हें भी मेरे साथ चलना पड़ेगा वहां कुछ फंक्शन में जैसे जब देवी का जागरण होता है तो औरतें वहां नाचती गाती भी है तो तुम्हें भी औरतों की तरह हल्का-फुल्का डांस सीख लेना चाहिए।कुल मिलाकर तुम्हें एक पूरी औरत बननाा है। सुनीता बोलते जा रही थी मैं सुनता जा रहा था वह बोल करके चली गई मैं बिस्तर पर ही बैठा रह गया। मैं सोच रहा था शायद मेरी बाकी की जिंदगी एक औरत बनकर ही गुजरेगी पता नहीं अब मुझे मर्द बनने का मौका मिलेगा या नहीं, चार दिन के अंदर ही मेरे औरत वाले कपड़े सिल करके आ चुके थे। मेकअप और ज्वेलरी पहले से ही थी। मेरी वाइफ ने अपने फ्रेंड को बुलाकर के मेरा मेकअप करने को कह दिया उसने सबसे पहले मुझे एक क्रीम लगा दी और नहाने को कहा। जब मैं नहा के आया तो मेरे पूरे शरीर के बाल साफ हो चुके थे मेरा शरीर चिकना हो गया था।।.सबसे पहले मुझे बॉडी सूट पहना गया जो की सिलिकॉन का बना था , ये सूट पहनने के बाद मेरा पूरा शरीर औरत का बन चूका था मेरे वेजिना थी और मेरे बड़े बड़े बूब्स लटक रहे थे सच बताऊ तो मुझे खुद को औरत की सिलिकॉन बॉडी में देख कर शर्म आ रही थी। वाइफ की मेकअप वाली फ्रेंड बोली तुमको महीने में एक बार ही उतर के धुलना है। मैं तुमको एक गोली दे रही हु जिससे तुम्हारा पेनिस कभी एक्टिव नहीं होगा ,तुम अंदर लगी तुबे की हेल्प से औरत की तरह बैठ के औरत बन के बशरूम जा सकोगी. फिर उसने मेरे नक् और कान छेद दिए और उनमे बड़े बड़े झुमके और नक् की कल पहना दी। फिर मेरे सर को गंजा क्र दिया और ग्लौ की हेल्प से लॉन्ग हेयर वाली विग चिपका दी , बोली ये विग नेचुरल हेयर से बनी है महीने में एक बार ही निकलोगी। फिर उसने तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद एक हाउस वाइफ बना दिया म जब मैंने अपनी आँखे खोली तो येल्लो साड़ी ब्लाउज में लिपटी एक हाउसवाइफ के रूप में देखा। वाइफ की फ्रेंड जा चुकी थी , सुनीता भी नहीं दिख रही थी मैंने टाइम देखा शाम के चार बज गए थे इस औरत के रूप में मेरी बहार गेट तक जाने की हिम्मत नहीं थी मैं व्ही सोफे पे बैठ के आराम करने लगा , अचानक दरवाजे पे कुछ आहात सुनकर मैं उठा और देखा। 

मैंने पलट के देखा तो हक्का बक्का रह गया , सामने मेरी वाइफ सुनीता और साथ में एक आदमी खड़ा था। मैं कुछ कह पाटा इससे पहले ही वो बोल उठी, सर ये मेरी नौकरानी बसंती है , ये मेरे हस्बैंड के गॉव से है , दिन का और रत का काम करती है और यही पर रहती हैं।  इसके रहने का परमानेंट इंतज़ाम क्र दिया है मैंने. ओके जी।  आपके हस्बैंड नहीं दिख रहे है।  सुनीता – अरे सर उनकी जॉब लग गई है और आज मॉर्निंग में ही वो बॉम्बे गए है। 

सर- वैरी गुड , चलो कोई बात नहीं जॉब के लिए बहार जाना कोई बुरी बात नहीं है। 

सुनीता के मुँह से अपने हस्बैंड की जॉब की बात दुसरो को बताना मुझे अच्छे लगा।  मैंने मन में सोचा की अगर मई औरत बन के कामवाली बाई बसंती बना राहु तो कोई बुराई नहीं है।  क्युकी लोगोकी नज़रो में तो मैं एक कंवला जॉब वाला हस्बैंड रहूँगा।  मैंने हालत को सँभालते हुए कहा।  मैडम जी आप बैठो मैं 

आपके लिए चाय बना के लती हु।  सुनीता और उसके सर ड्राइंग रूम में सोफे पे बैठ के बात करने लगे और मैं साड़ी को समेट कर चाय बनाने लगा।  सर ने बोलै आप कब से यहाँ पे है।  सुनीता बोल पड़ी ३ साल हो गए।  मई इनको अपनी बहन की तरह रखती हु इसलिए यही पे रहती हैं.  मैंने चुपचाप बर्तन इकठा किये और किचन में चली गई। 

मैं बर्तन साफ करके खाना बनाने के तयारी करने लगी , सुनीता के सर जा चुके थे मैंने खाना लगाया और टेबल पे बैठ के खुद भी खाने लगी तो सुनीता बोली देखो ठीक इसी तरह से फुल औरत बन के रो मैंने सब को बोल दिया है की मेरे हस्बैंड बहार काम करते है सो तुम लोगो की नज़रो में इज़्ज़त प् सकोगे।  जबकि रियल लाइफ में तुम मेरी नौकरानी बन के रहोगे ,जो बोलूंगी मैं वो सब करोगे।  जी ठीकहैं।  मैंने कहा।  सुनीता ने कहा , तूम मेकअप करना और औरत के साड़ी ड्रेस पहनना और बात करना चलना बलना सब कुछ सीख लो।  जब मेरी सहेलिया घर पे आयी या मैं कहि तुमको लेकर बहार जाऊ तो किसी को शक नहीं होना च्चिए की तुम औरत नहीं हो. जी मैं समझ गई , मैंने औरत की तरह एक्टिंग करते हुए कहा तो सुनीता हंस पड़ी और मैं भी है पड़ा।  चलो अब सो जाते हैं।  मैं और सुनीत दोनों सो गए।

इसी तरह दिन बीतने लगे अब मैं मेकअप करने और साड़ी पहनने में एक्सपर्ट हो चुकी थी।  किसी को भी शक नहीं होता था की मैं एक मर्द हु औरत नहीं हु. पर कुछ दिनों से मुझे कुछ अजीब सा फेल हो रहा था।  मेरे सरीर पे बल काम होने लगे थे।  पहले मैं वीक में 3 बार शेविंग करता था , औरत के रूप में तो रोज ही शेव करता था पर अब मेरे चेहरे पे भी बल बहुत पतले और काम आ रहे थे।  मेरे बॉडी कलर में भी गोरा पैन आ रहा था।  सुनीता बोलती ये सब मेकअप प्रोडक्ट का असर है. मैं भी ऐसा ही समझ्ह्त्ता था।  अब औरत बन के काम करते हुए सिक्स महीने बीत गए थे।  मैंने सब रिस्तेदारो को भी बोल दिय था की मई बहार जॉब करता हु।  

पर अब मुझे कुछ अलग ही महसूस होने लगा था।  सुनीता अब मुझषै शारीरिक सम्बन्ध बनाने में दूरी बनाने लगी थी , पता नहीं क्यों मुझे भी अब सेक्स में रूचि काम होने लगी थी। पहले मेरा लिंग सुनीता के साथ होने पे टाइट होजाता था पर अब शायद उसने हरकत करना काम कर दिया था। एक दिन नहाते समय मैंने महसूस किया की उसका आकर भी छोटा हो गया था।  पर झटका तो मुझे तब लगा जब मैंने अपने बूब्स को सिलिकॉन के सूट को उतर के देखा मेरे बूब्स का साइज बढ़ रहा था और वो साफ नज़र आ रहा था।  मैंने एक दिन सुनीता से बात की की मेरे शरीर में औरत की तरह चेंज क्यों आ रहे हैं।  वो बोली जब तुम औरत की तरह बोलते , काम करते और साड़ी ब्लाउज पहन कर …..  रहते हो तो यह सब सामान्य है।  जब तुम मर्दो की तरह रहना शुरू कर डोज तो सब कुछ पहले की तरह हो जायेगा।

वैसे तुमको चिंता नहीं होनी चाहिए  क्युकी तुम टेंशन फ्री लाइफ बिता रहे हो।  इन्ही सब की वजह से तुम पूरी औरत लगते हो।  फिर हम सब सो गए।  अगले दिन सुनीता ने ऑफिस जाते समय कहा देखो कल मेरे सहेलिया आ रही है सो मैं तुम्हारे लिए कुछ साड़ी ब्लाउज बनवा रही हु , कुछ और सामान भी खरीद रही हु।  तुम तयारी कर लो. ठीक है मैं तयारी कर लूंगी।  शाम को सुनीता ने मुझे एक पेनिस पैकर दिखते हुए बोलै कल तुम ये पहनोगे वैसे सिलिकॉन सूट के नीचे तुम्हारा पेनिस छिपा रहता है पर ये पहनोगे तो वो बिलकुल भी हरकत नहीं करेगा।  फिर सुनीता ने मुझे एक सिरप पीने को दिया मैंने बोलै ये क्या है।  वो बोली बिना सवाल किये सब पी लो. . मैंने सिरप पी लिया और जल्द ही नींद आने लगी और मैं अपने ऊपर काबू नहीं रख सका। ….

 

 

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मेरा नाम बसंत है, और मेरी उम्र 25 साल है। मैं कानपूर में रहता हूं। मैं शादीशुदा आदमी हूं, और मेरी पत्नी का नाम सुनीता है,और उसकी उम्र 23 साल है। मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नही था,बस किसी तरह से बीएससी पास था ,पर मैं टाइपिंग जनता था , इसलिए मैं एक प्राइवेट सेक्टर में छोटी सी जॉब करता था। मैं और सुनीता एक ही बिरादरी के थे, इसलिए सुनीता के पापा ने सुनीता कीशादी मेरे साथ करा दी थी।सुनीता मेरे से काफी ज्यादा पढ़ी लिखी थी, लेकिन वो कोई जॉब नहीं करती थी,या यु कहो की मैंने कभी उसे जॉब की परमिशन नहीं दी थी। लेकिन शादी के एक साल बाद सुनीता की किस्मत ने उसका साथ दिया, और सुनीता की बड़ी कम्पनी मैं नोकरी लग गई। सुनीता को अपनी सासु मां की हर बात पर टोकने को आदत पसंद नही थी, इसलिए उसने नोकरी लगने के कुछ महीने बाद ही अपने पैसों से एक नया घर खरीद लिया था। सुनीता की सैलरी मेरी सैलरी से बहुत ज्यादा थी। लेकिन सुनीता ज्यादातर अपनी सैलरी पार्टियों में, और मौज मस्ती में खर्च कर देती थी। और मेरे मना करने पर वो मुझसे लड़ने लगती थी, और कहती कि जब मैं खुद से पैसे कमाती हूं, तभी खर्च करती हूं, मैं तुमसे तो कोई पैसा नही...

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